میراث مشترک ایران و هند؛ نسخ خطی(ظرفیت ها و چالش ها)

معاونت پژوهش و منابع دیجیتال سازمان اسناد و کتابخانه ملی ایران همایش میراث مشترک ایران و هند را برگزار می کند.

مقالات برتر همایش در قالب ویژه نامه نشریات علمی، یا به صورت کتاب منتشر خواهد شد.

زبان همایش فارسی و انگلیسی خواهد بود.

محورهای همایش

  • بررسی پیشینه نسخه پژوهی و نسخه شناسی در هند(شیوه ها، مطالعات تطبیقی(

  • نقد و تصحیح متون و نسخه های خطی

  • نسخه های خطی غیرایرانی

  • معرفی نسخه های تازه باب نفیس و مجموعه‌های جدید

  • هنرهای کتاب آرایی

  • فهرست نویسی نسخ خطی: شیوه ها و چالش ها

  • حفظ و نگهداری و مرمت نسخ خطی

  • مفاخر، نام آوران و پایوران عرصه مخطوطات

زمان ارسال چکیده مقالات

۱۵ مهر ماه ۱۴۰۰

چکیده ها، مقالات و پرسش ها به ایمیل زیر ارسال شود

iranindiamanuscript@gmail.com

زمان ارائه اصل مقالات

۲۰ آذرماه ۱۴۰۰

تاریخ برگزاری همایش

۳۰ دی ماه ۱۴۰۰

شماره دبیرخانه همایش

021-81623308

021-81623270

برگزار کننده

معاونت پژوهش و منابع دیجیتال سازمان اسناد و کتابخانه ملی ایران

دکتر فاطمه جان احمدی، معاون پژوهش و منابع دیجیتال

دببرعلمی بخش ایران

دکتر غلامرضا امیرخانی 

دبیرعلمی بخش هند

دکتر فرزانه اعظم لطفی

دبیر اجرایی همایش

دکتر مهشید برجیان 

اطلاعات همایش به زبان انگلیسی

According to the public relations of the National Library and Archives of Iran "First International conference on Common Heritage of Iran and India; Manuscript: Capacities and Challenges (ICCHI 2022)" will be held on January 20, 2022 at the National Library and Archives of Iran.
It is quite significant to mention that one of the main objectives of this international conference is to study the history of manuscript and typography in India (methods, interdisciplinary studies, academic studies, etc). Therefore, researchers who have works and researches in related fields whether in Persian or English, are Invited to participate in this forum to present the latest results of their studies and research virtually on the common heritage of Iran and India; Manuscripts.
This conference is organized by Dr. Fatemeh Jan Ahmadi as the Vice President of Research, Dr. Gholamreza Amirkhani as Scientific Secretary of Iran section, Dr. Farzaneh Azam Lotfi, Scientific Secretary of India section and Dr. Mahshid Borjian as Executive Secretary of the conference and also a group of expert professors in this field in the national and international arena which consisted the scientific committee of this conference.

Conference topics:
Background of Manuscript Studies in India: Methods, Comparative Studies
Review and editing of manuscript
Introducing rare manuscripts and new collections
Arts of the Book Decoration
Manuscript Cataloging: Practices and Challenges
Preservation and restoration of manuscript
Manuscript Information services
Dignitaries and famous persons in the field of manuscript

Important dates
October 6, 2021: Deadline for abstract and paper submission 
December 11, 2021: Submission deadline for the final version of the Accepted Papers 
January 20, 2022: ICCHI 2022 Conference

Abstracts, articles and questions should be sent to the following email:
iranindiamanuscript@gmail.com

Selected papers will be published in the special issues of Research journal or an outstanding book.

The language of the conference will be Persian and English. And abstracts should be between 250 to 300 words. 

Conference Secretariat Numbers:
+9821-81623308
+9821-81623270

اطلاعات همایش به زبان هندی

ईरान के राष्ट्रीय पुस्तकालय और अभिलेखागार के जनसंपर्क के अनुसार "ईरान और भारत की आम विरासत पर पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन; पांडुलिपि: क्षमता और चुनौतियां (आई सी सी एच आई 2022)" 20 जनवरी, 2022 को ईरान के राष्ट्रीय पुस्तकालय और अभिलेखागार में आयोजित की जाएगी। 
  यह उल्लेख करना अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है कि इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का एक मुख्य उद्देश्य भारत में पांडुलिपि और टाइपोग्राफी के इतिहास (विधियों, अंतःविषय अध्ययन, शैक्षणिक अध्ययन, आदि) का अध्ययन करना है।  इसलिए, जिन शोधकर्ताओं ने संबंधित क्षेत्रों में काम और शोध किया है, चाहे वह फारसी या अंग्रेजी में हो, उन्हें इस मंच में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है जिससे वह ईरान और भारत की साझी विरासत पर पाण्डुलिपियों से सम्बन्धित अपने अध्ययन और शोध के नवीनतम परिणाम प्रस्तुत कर सकें।
  इस सम्मेलन का आयोजन अनुसंधान के उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. फतेमेह जान अहमदी , ईरान अनुभाग के वैज्ञानिक सचिव के रूप में डॉ. घोलमरेज़ा अमीरखानी , भारत अनुभाग के वैज्ञानिक सचिव डॉ. फरज़ाना आजम लोत्फ़ी और सम्मेलन के कार्यकारी सचिव के रूप में डॉ. महशीद बोरजियन द्वारा आयोजित किया गया है।  राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पाण्डुलिपि विषयक इस क्षेत्र में विशेषज्ञ प्रोफेसरों का एक समूह भी  है जिन्हें इस सम्मेलन की वैज्ञानिक समिति में सम्मिलित किया गया है। 

  सम्मेलन का विषय: 
  भारत में पांडुलिपि अध्ययन की पृष्ठभूमि: विधियाँ, तुलनात्मक अध्ययन, पांडुलिपि की समीक्षा और संपादन, दुर्लभ पांडुलिपियां और नए संग्रह की प्रस्तुति,पुस्तक सजावट की कला,पाण्डुलिपि कैटलॉगिंग: अभ्यास और चुनौतियाँ,पांडुलिपि का संरक्षण और कार्य की स्थिति, पांडुलिपि सूचना सेवाएं, पांडुलिपि के क्षेत्र में गणमान्य व्यक्ति और प्रसिद्ध व्यक्ति।

  महत्त्वपूर्ण तिथियाँ 
  अक्टूबर 6, 2021: सारांश और शोध लेख जमा करने की समय सीमा
  11 दिसंबर, 2021: स्वीकृत पत्रों के अंतिम संस्करण के लिए जमा करने की समय सीमा 20 जनवरी, 2022:

 आई सी सी एच आई 2022 सम्मेलन  में शोधसारांश, शोधलेख और प्रश्न निम्नलिखित ईमेल पर भेजे जाने चाहिए:
  iranindiamanuscript@gmail.com

  चयनित शोधपत्र शोध पत्रिका के विशेष अंक अथवा किसी उत्कृष्ट पुस्तक में प्रकाशित किये जायेंगे।

  सम्मेलन की भाषा फारसी और अंग्रेजी होगी। शोधसारांश 250 से 300 शब्दों के बीच होना चाहिए।

  सम्मेलन सचिवालय सम्पर्क सूत्र: 
  +9821-81623308
  +9821-81623270